April 9, 2011

ihhmily

तुझे भर लूं अपनी आँखों में
इन आँखों को में खोलू ना
बोलू अपनी बातों में
फिर इस दुनिया से बोलूँ ना

तू और किसी का ना होना
में जीते जी मर्जूंगी
तेरी खातिर दुनिया से
अब तनहा ही लड़ जाऊंगी

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